हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण : थिंक टैंक

वाशिंगटन: भारत और अमेरिका अपने सामरिक, आर्थिक और राजनयिक संबंधों को ठोस आधार देना चाह रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाते ही बाइडन प्रशासन भारत को लेकर अपनी मंशा जता दी थी. बाइडन प्रशासन अपनी विदेश एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति की समीक्षा कर रहा है, ऐसे में विशेषज्ञों और पूर्व राजनयिकों का कहना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की रणनीति के लिए भारत महत्वपूर्ण है.

भारत के पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन और ‘सेंटर फॉर चाइना एनैलिसिस एंड स्ट्रैटजी’ के अध्यक्ष जयदेव राणाडे समेत विशेषज्ञों ने वाशिंगटन में मंगलवार को थिंक टैंक ‘द हडसन इंस्टीट्यूट’ द्वारा आयोजित डिजिटल चर्चा में यह बात की। मेनन और राणाडे ने अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को महत्वपूर्ण बताया।

मेनन ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होते रहेंगे, क्योंकि जलवायु परिवर्तन, चीन, हिंद प्रशांत और समुद्री सुरक्षा पर रणनीतिक तालमेल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल अपने देश में हो रहे बदलाव के लिहाज से अमेरिका को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है बल्कि वह उसे दुनिया की एकमात्र महाशक्ति भी समझता है। इसके अलावा मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के साझा रणनीतिक दृष्टिकोण हैं।

मेनन ने कहा, अमेरिका, कारोबार के लिहाज से हमारा सबसे बड़ा सहयोगी देश है और हम जानते हैं कि मतभेद होने पर उन्हें कैसे सुलझाया जाये।