लघु सिंचाई अवर अभियंता पर लगा करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप

गाजीपुर। सरकार की योजनाओं में किस प्रकार जालसाजी कर करोड़ों रुपए गबन किया जाए, यह विभागीय अधिकारियों से बेहतर कोई नहीं जानता. एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार को लेकर भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजने की दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारी सरकार की मंशा को धता बता रहे है.

ताजा मामला लघु सिंचाई अवर अभियंता आरके रंजन का है, जिन्हें तीन विकासखंडों का प्रभार है. इनपर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगा है. यह आरोप आरटीआई कार्यकर्ता डॉ एम खालिद ने सीडीओ को रजिस्टर्ड डाक द्वारा पत्र भेजकर लगाया है. आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि मनिहारी विकास खंड में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होते ही डेढ़ से दो करोड़ रुपए का मिट्टी कार्य का मस्टररोल (25 दिसंबर से 15 फरवरी) के मध्य निकाला गया, जबकि कार्य कहीं जमीन पर नहीं दिख रहा है.

दावा है कि यह भ्रष्टाचार अवर अभियंता आरके रंजन द्वारा किया गया है. इन्हें यहां का दो वर्षो से प्रभार है. इसके अलावा बिरनो और सदर का भी इन्हें प्रभारी बनाया गया है. इससे यहां भी अनियमितता होने की आशंका है. आरटीआई कार्यकर्ता ने अवर अभियंता के साथ कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए जांच की मांग की है.

आरोप है कि नहरों की शिल्ट की सफाई के समय नहरों में पानी था तथा नदी के किनारे बंधों के निर्माण के समय वर्षाकाल था. नदी के किनारे वर्षा के दिनों में बांध का बाधा जाना तथा उसकी मापी कर भुगतान किया जाना एक गंभीर अनियमितता की और इशारा कर रहा है. लिहाजा, इन अधिकारियों द्वारा शासन की जीरो टालरेंस नीति की धज्जियां उड़ाई जा रही है.