गुब्बारा फुलाने के दौरान उल्टी सांस लिया मासूम, गले जाकर अटका, दर्दनाक मौत


जनसंदेश न्यूज
जौनपुर। बच्चों के खेलने के लिए गुब्बारा सबसे बेहतर खिलौना माना जाता रहा है लेकिन गुब्बारा जानलेवा साबित हो जाएगा इसका किसी को अंदाजा नहीं था। पूरा मामला जौनपुर जिले का है जहां पर खेलने के लिए गुब्बारा फुलाने के दौरान उल्टी सांस लेते ही गले में फंस गया और स्वांस नली से चिपककर सांसों को ही रोक दिया। आनन फानन परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल तो गए लेकिन स्वांस नली तक पहुंचे गुब्बारे की वजह से दम घुटने लगा और बच्चे ने आखिरकार काफी प्रयास के बाद दम तोड़ दिया।
पूरा मामला जौनपुर जिले में बरसठी थाना क्षेत्र के रायपुर दुर्गापुर गांव का है। जहां एक छः वर्षीय बालक के गले में गुब्बारा फुलाने के दौरान उल्टी सांस लेने के समय मुंह में ही गुब्बारा चला गया। मुंह से जबतक उसे निकाला जाता वह सांस के जरिए स्वांस नली में जा फंसा और आनन फानन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान सोमवार की भोर अस्पताल में बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के मौत की जानकारी होने के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे जब उन्होंने बच्चे को खेलने के लिए गुब्बारा थमाया था। वहीं क्षेत्र में बच्चे की मौत के बाद गुब्बारे से हुए हादसे की चर्चा चारों ओर रही।
रायपुर गांव के दुर्गादेवी के शशिकांत यादव का छः साल का पुत्र सिद्धार्थ रविवार की शाम को गुब्बारे के लिए काफी रो रहा था। उसकी मां ने उसे गुब्बारा दे दिया और सिद्धार्थ गुब्बारा पाकर खेलने लगा। गुब्बारे को फुलाते समय पूरा गुब्बारा उसके मुंह के अंदर चला गया और वह काफी तेज रोने लगा उसकी सांस फूलने लगी तो परिजनों को जानकारी हुई। काफी प्रयास के बाद गले में फंसे गुब्बारे को निकाल पाने में असफल होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल ले गए। गले के स्वांस नली में गुब्बारा फंसने से काफी समस्या होने लगी। इसका चिकित्सक उपचार करने लगे लेकिन भोर में सिद्धार्थ ने दम तोड़ दिया। माता पिता का वह एकलौता पुत्र था। शव को लेकर लौटे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया और आनन फानन सोमवार की दोपहर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।