वाराणसी में दर्ज मुकदमे के आरोप में बरी हुए गूगल के सीईओ, नहीं मिले साक्ष्य


जनसंदेश न्यूज
वाराणसी। वाराणसी में गूगल के सीइओ सुंदर पिचाई के खिलाफ मामला दर्ज करने के अगले ही दिन पुलिस ने उनको जांच में बरी कर दिया। इस बाबत शुक्रवार को एसएसपी अमित पाठक ने एक वीडियो जारी कर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है। दरअसल गूगल जैसी वैश्विक कंपनी के शीर्ष अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद शीर्ष अधिकारियों के संज्ञान में मामला आ गया। आनन फानन इस मामले की विवेचना कर उनका नाम मुकदमे से हटा दिया गया।
इस मामले में गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गूगल के सीइओ सुंदर पिचाई के खिलाफ गुरुवार को भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी आने के बाद हड़कंप मच गया। शीर्ष अधिकारियों की जानकारी में मामला आने के बाद आनन फानन विवेचना के दौरान माना गया कि इनकी नामजदगी गलत की गई है। विवेचना के बाद पुष्टिकारक साक्ष्य न मिलने की वजह से विवेचना से अलग कर दिया गया।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, गूगल के डायरेक्टर और प्रबंधक को भी नामजद करते हुए भेलूपुर क्षेत्र के गौरीगंज निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल ने तहरीर दी थी। उनहोंने बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये एक वीडियो में गाजीपुर के नोनहरा के विशुनपुरा निवासी विशाल गाजीपुरी उर्फ विशाल सिंह उर्फ बादल, पत्नी सपना बौद्ध समेत अन्य ने पीएम पर विवादित गीत गाया है। वीडियो को फेसबुक पर डालकर आर्थिक मदद भी इन दिनों मांगी जा रही है। फोन करने पर विशाल गाजीपुरी से आपत्ति जताई तो विशाल ने धमकी समझकर गिरिजाशंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। गिरिजाशंकर के मुताबिक उनका मोबाइल नंबर वीडियो के साथ जोड़कर यू-ट्यूब वीडियो के साथ डाल दिया गया। इसके बाद विशाल के समर्थकों ने फोन कर उन्हें धमकी देना शुरू कर दिया था। इससे आजिज आकर उन्होंने भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।